रिपोर्ट – पवन आजाद
वाराणसी। मणिकर्णिका घाट से पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग द्वारा हटाई गई मूर्तियों के वास्तविक स्वरूप को काशीवासियों और देशवासियों के सामने लाने की मांग को लेकर मंगलवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन की तैयारी की। महानगर कांग्रेस कमेटी वाराणसी के अध्यक्ष राघवेन्द्र चौबे के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री जन संपर्क कार्यालय तक मार्च करने की योजना बनाई थी।
कार्यक्रम के तहत कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पहले गुरुधाम चौराहे पर एकत्रित होकर गुड़गांव चौराहे होते हुए प्रधानमंत्री जन संपर्क कार्यालय तक जाने का आह्वान किया गया था। इसकी सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन सतर्क हो गया। एसीपी भेलूपुर गौरव कुमार और थाना लंका के प्रभारी निरीक्षक भारी पुलिस बल के साथ गुरुधाम चौराहे पर पहुंच गए और सुरक्षा व्यवस्था संभाल ली।
एसीपी गौरव कुमार ने मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि इस आयोजन के लिए किसी प्रकार की अनुमति नहीं ली गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना अनुमति धरना-प्रदर्शन या समूह में एकत्र होने की इजाजत नहीं दी जाएगी। यदि कोई नियमों का उल्लंघन करता है तो उसे हल्का बल प्रयोग कर हटाया जाएगा।
पुलिस के अनुसार, गुरुधाम चौराहे पर एकत्र हो रहे दो कांग्रेस कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर भेलूपुर थाने भेज दिया गया, जिससे अन्य कार्यकर्ताओं में हलचल मच गई। पुलिस की सख्ती के चलते प्रदर्शन की योजना आगे नहीं बढ़ सकी और प्रधानमंत्री जन संपर्क कार्यालय तक जाने वाला मार्च रोक दिया गया।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं का आरोप है कि मणिकर्णिका घाट से हटाई गई मूर्तियों के मामले में सरकार और पुरातत्व विभाग स्थिति स्पष्ट नहीं कर रहे हैं। उनका कहना है कि यह मामला आस्था और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ा हुआ है, इसलिए आम जनता को सच्चाई बताई जानी चाहिए।
फिलहाल क्षेत्र में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं है। पुलिस प्रशासन लगातार नजर बनाए हुए है।
