रिपोर्ट – पवन आजाद 

 

वाराणसी। अध्यात्म और तपस्या की पावन स्थली तीर्थराज प्रयाग में इस वर्ष का माघ मेला एक विशिष्ट आध्यात्मिक आभा से ओतप्रोत होने जा रहा है।अनंतश्री विभूषित ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामिश्री: अविमुक्तेश्वरानंद: सरस्वती जी महाराज आगामी 13 तारीख को माघ मेला क्षेत्र में सविधि प्रवेश करेंगे।उनके आगमन के साथ ही संगम तट पर स्थित उनके शिविर में विशेष धार्मिक अनुष्ठानों की श्रृंखला प्रारंभ हो जाएगी।

 

माता ललिता देवी के क्षेत्र में शक्ति साधना

ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य जी महाराज इस वर्ष प्रयाग प्रवास के दौरान ‘गुप्त नवरात्र’ का विशेष अनुष्ठान संपन्न करेंगे।विदित हो कि प्रयाग भगवती ललिता देवी का सिद्ध क्षेत्र है।तंत्र और शक्ति साधना के दृष्टिकोण से गुप्त नवरात्र का विशेष महत्व होता है।वर्ष में आने वाले चार नवरात्रों में से दो प्रकट और दो गुप्त होते हैं।आषाढ़ और माघ मास में पड़ने वाले गुप्त नवरात्रों में साधक गोपनीय रूप से शक्ति की उपासना करते हैं।

 

अनुष्ठान का उद्देश्य लोक कल्याण

उक्त जानकारी देते हुए शंकराचार्य जी महाराज के मीडिया प्रभारी संजय पाण्डेय ने बताया कि शंकराचार्य जी द्वारा किया जाने वाला यह अनुष्ठान राष्ट्र की सुख-समृद्धि, सनातन धर्म की मजबूती और लोक कल्याण की भावना को समर्पित होगा। प्रयाग की धरा पर शक्तिपीठ ललिता देवी की ऊर्जा के सान्निध्य में गुप्त नवरात्र का यह व्रत-पूजन आध्यात्मिक साधकों के लिए अत्यंत प्रेरणादायी सिद्ध होगा।इस दौरान देश,विदेश से भक्त प्रयाग आकर शंकराचार्य जी महाराज का दर्शन करने के साथ उनसे आध्यात्मिक जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त करेंगे।सर्वविदित है कि वर्तमान समय में शंकराचार्य जी महाराज काशी में प्रवास कर रहे हैं।

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