लखनऊ : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और टाटा समूह के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरनन के बीच हुई उच्चस्तरीय बैठक में उत्तर प्रदेश में टाटा समूह के वर्तमान एवं भावी निवेश प्रस्तावों पर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक के दौरान टाटा समूह ने प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहन, ऊर्जा अवसंरचना और औद्योगिक विकास से जुड़े अपने दीर्घकालिक रोडमैप को प्रस्तुत किया।
एन. चंद्रशेखरनन ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि टाटा मोटर्स उत्तर प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहनों की मैन्युफैक्चरिंग को और अधिक विस्तार देने के साथ-साथ ईवी के नए मॉडलों के विकास पर कार्य कर रहा है। इससे न केवल ईवी सेक्टर में टाटा समूह की हिस्सेदारी बढ़ेगी, बल्कि प्रदेश में रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
प्रयागराज के बारा प्लांट में 1900 मेगावाट की नई थर्मल इकाई
बैठक के दौरान टाटा पावर ने प्रदेश में अपनी संचालित और प्रस्तावित ऊर्जा परियोजनाओं की रूपरेखा प्रस्तुत की। इस क्रम में प्रयागराज स्थित बारा थर्मल पावर प्लांट में 1900 मेगावाट क्षमता की नई थर्मल इकाई स्थापित किए जाने की जानकारी दी गई। इस परियोजना के तहत 360 मेगावाट क्षमता की तीन पावर जनरेशन यूनिट्स लगाई जाएंगी, जिससे प्रदेश की ऊर्जा क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी और स्थानीय स्तर पर बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे।
सोलर ऊर्जा और ग्रीन डेवलपमेंट पर फोकस
टाटा समूह प्रदेश में सोलर पावर परियोजनाओं को भी तेज़ी से आगे बढ़ा रहा है। इसके तहत प्रयागराज और बांदा में 50-50 मेगावाट की दो सोलर परियोजनाएं विकसित की जा रही हैं। साथ ही, टाटा पावर द्वारा सोलर रूफटॉप के माध्यम से स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन को भी बढ़ावा दिया जा रहा है, जो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सतत विकास एवं कार्बन उत्सर्जन में कमी की अवधारणा के अनुरूप है।
नोएडा में आईटी और औद्योगिक इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार
बैठक में यह भी बताया गया कि प्रदेश में आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर को सशक्त बनाने के उद्देश्य से नोएडा में नई बिल्डिंगों का निर्माण किया जा रहा है। इन परियोजनाओं के पहले चरण को दिसंबर 2026 तक चरणबद्ध रूप से पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे निवेश और रोजगार को और गति मिलेगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने टाटा समूह की निवेश योजनाओं का स्वागत करते हुए कहा कि राज्य सरकार उद्योगों को हरसंभव सहयोग, त्वरित स्वीकृतियां और अनुकूल निवेश वातावरण प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। टाटा समूह के निवेश से उत्तर प्रदेश को ऊर्जा, ईवी और ग्रीन डेवलपमेंट के क्षेत्र में नई पहचान मिलेगी।
