वाराणसी। सोशल मीडिया पर दिखने वाले आकर्षक ऑफर के झांसे में आकर ऑनलाइन शॉपिंग करना एक मीडिया कर्मी को भारी पड़ गया। वाराणसी के सरायनंदन निवासी मीडिया कर्मी ने इंस्टाग्राम पर एक ब्रांडेड कंपनी जैसी दिखने वाली वेबसाइट से 50 प्रतिशत छूट के ऑफर में माइक ऑर्डर किया। ऑर्डर की डिलीवरी तो बाकायदा कमर्शियल कंपनी के जरिए हुई, लेकिन पैकेट खोलते ही उनके होश उड़ गए। ब्रांडेड माइक की जगह बॉक्स के अंदर मिट्टी भरी मिली।
सोशल मीडिया स्क्रॉल करते समय दिखा ऑफर
मीडिया कर्मी के मुताबिक, सोशल मीडिया पर स्क्रॉल करते समय उन्हें एक ब्रांडेड कंपनी की माइक का विज्ञापन दिखाई दिया। मीडिया में काम करने के कारण उन्हें माइक की जरूरत थी। उन्होंने सोचा कि नई कंपनी अपने प्रचार के लिए शुरुआती दौर में 50 प्रतिशत तक का ऑफर दे रही होगी। इसी भरोसे में उन्होंने वेबसाइट से माइक का ऑर्डर कर दिया।
एक ही प्रोडक्ट पर 4 प्राइज़ टैग
ऑर्डर दिए गए प्रोडक्ट पर चार प्राइज 598, 899, 999 और 1099 रुपये के प्राइज टैग लगें हुए थे। हर एक रैपर पर अलग अलगे प्राइज टैग निकलने के लगें तो पीड़ित को ठगी का एहसास हुआ। वेबसाइट को इस तरह डिजाइन किया गया था कि पहली नजर में यह किसी स्थापित कमर्शियल कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट जैसी लगे। वेबसाइट पर कंपनी का संपर्क नंबर और पांच दिन में रिप्लेसमेंट का विकल्प भी दिया गया था।

डिलीवरी भी ऐसी कि शक की गुंजाइश न रहे
ऑर्डर के बाद मोबाइल पर डिलीवरी से संबंधित नोटिफिकेशन आया। प्रोडक्ट ट्रैक करने के लिए आईडी भी भेजी गई। निर्धारित तारीख पर एक कमर्शियल डिलीवरी कंपनी के जरिए पैकेट घर पहुंचा। इस पूरी प्रक्रिया ने ग्राहक का भरोसा और बढ़ा दिया कि ऑर्डर किया गया सामान सही है।
बॉक्स खोला तो माइक की जगह निकली मिट्टी
मीडिया कर्मी ने प्रोडक्ट खोलने से पहले पूरे पैकेट का वीडियो बनाना शुरू कर दिया। जैसे ही बॉक्स खोला गया, उसमें माइक की जगह मिट्टी भरी मिली। इसके बाद उन्होंने डिलीवरी बॉय से संपर्क किया। डिलीवरी बॉय ने बताया कि सोशल मीडिया पर देखकर ऑर्डर करने पर इस तरह की घटनाएं सामने आती रहती हैं। उसने सलाह दी कि भविष्य में ब्रांडेड कंपनियों के आधिकारिक प्लेटफॉर्म या भरोसेमंद वेबसाइट से ही सामान खरीदा जाए।
रिप्लेसमेंट का विकल्प भी निकला फर्जी
धोखाधड़ी का एहसास होने के बाद पीड़ित ने वेबसाइट पर दिए गए रिप्लेसमेंट विकल्प का इस्तेमाल करने की कोशिश की, लेकिन कोई भी विकल्प काम नहीं कर रहा था। इसके बाद उन्हें आशंका हुई कि पूरी वेबसाइट ही ग्राहकों को भ्रमित कर पैसे ऐंठने के लिए बनाई गई है।
वेयरहाउस पहुंचकर दर्ज कराई शिकायत
इसके बाद पीड़ित संबंधित कमर्शियल कंपनी के वेयरहाउस पहुंचे और पूरे मामले की जानकारी दी। वहां मौजूद कर्मचारियों ने भी घटना को गंभीरता से लिया और शिकायत दर्ज की। कर्मचारियों ने पीड़ित से कहा कि ऑनलाइन शॉपिंग करते समय वेबसाइट और विक्रेता की विश्वसनीयता की जांच करना बेहद जरूरी है।
ऑनलाइन शॉपिंग से पहले इन बातों का रखें ध्यान
– सोशल मीडिया विज्ञापन देखकर सीधे ऑर्डर करने से बचें।
– वेबसाइट का URL और कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट जरूर जांचें।
– बहुत ज्यादा छूट मिलने पर विशेष सावधानी बरतें।
– वेबसाइट पर दिए गए रिव्यू और संपर्क विवरण की स्वतंत्र रूप से जांच करें।
– संभव हो तो आधिकारिक वेबसाइट या भरोसेमंद ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से ही खरीदारी करें।
– महंगे सामान की डिलीवरी लेते समय पैकेट की पैकिंग और लेबल ध्यान से देखें।
–
– संदेह होने पर अनबॉक्सिंग वीडियो जरूर बनाएं।
–
– ठगी होने पर भुगतान से जुड़े दस्तावेज, स्क्रीनशॉट, ऑर्डर आईडी और वीडियो सुरक्षित रखें और संबंधित प्लेटफॉर्म/साइबर क्राइम माध्यम पर शिकायत करें।
