पांडेयपुर ओवरब्रिज समेत कई सार्वजनिक स्थानों पर लगाए गए पोस्टर-बैनर को लेकर सपा ने जताई आपत्ति, जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग
वाराणसी। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के विरुद्ध वाराणसी में लगाए गए कथित आपत्तिजनक और भ्रामक पोस्टर-बैनर को लेकर समाजवादी पार्टी ने कड़ी नाराजगी जताई है। पार्टी ने पुलिस-प्रशासन से मामले में तत्काल एफआईआर दर्ज कर पोस्टर लगाने वाले जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
समाजवादी पार्टी की ओर से कहा गया कि वाराणसी के पांडेयपुर ओवरब्रिज, ड्रेस लैंड शोरूम के पास, सिगरा तथा साजन तिराहा से चंदुआ सट्टी के पास विद्यापीठ रोड समेत कई सार्वजनिक स्थानों पर अखिलेश यादव की तस्वीरों को जोड़कर आपत्तिजनक राजनीतिक पोस्टर-बैनर लगाए गए हैं। पार्टी का आरोप है कि इन पोस्टरों के माध्यम से अखिलेश यादव की सार्वजनिक और राजनीतिक छवि को धूमिल करने का प्रयास किया गया है।

सपा ने पोस्टर-बैनर लगाए जाने पर आपत्ति जताते हुए कहा कि राजनीतिक विरोध अपनी बात और विचारों के माध्यम से लोकतांत्रिक तरीके से किया जाना चाहिए। किसी राजनीतिक नेता की छवि खराब करने के उद्देश्य से आपत्तिजनक सामग्री का इस्तेमाल करना उचित नहीं है। पार्टी ने इस तरह की सामग्री सार्वजनिक स्थानों पर लगाए जाने को लेकर पुलिस-प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेने की मांग की है।
पार्टी की ओर से कहा गया कि लोकतंत्र में राजनीतिक दलों और नेताओं के बीच विचारों को लेकर मतभेद हो सकते हैं, लेकिन विरोध के लिए मर्यादित और लोकतांत्रिक तरीका अपनाया जाना चाहिए। सपा ने कहा कि किसी भी नेता के खिलाफ आपत्तिजनक या भ्रामक सामग्री के माध्यम से उसकी छवि खराब करने का प्रयास स्वीकार्य नहीं है।
समाजवादी पार्टी ने आशंका जताई कि इन पोस्टर-बैनर को लगाने के पीछे राजनीतिक दुर्भावना हो सकती है। पार्टी ने पुलिस से मामले की जांच कर यह पता लगाने की मांग की है कि इन पोस्टरों को किसने तैयार कराया और सार्वजनिक स्थानों पर इन्हें किसके निर्देश पर लगाया गया।
सपा ने कहा कि पोस्टर लगाने के पीछे किसी व्यक्ति, संगठित समूह या राजनीतिक दल की संलिप्तता है या नहीं, इसकी भी जांच की जानी चाहिए। पार्टी ने पुलिस-प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है, ताकि पोस्टर लगाने वालों की पहचान हो सके और उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सके।

पार्टी की ओर से कहा गया कि सार्वजनिक स्थानों पर इस तरह के पोस्टर-बैनर लगाए जाने से राजनीतिक माहौल प्रभावित होता है। ऐसे मामलों में जिम्मेदार लोगों की पहचान कर कार्रवाई करना जरूरी है। सपा ने पुलिस से मांग की कि मामले में तत्काल एफआईआर दर्ज की जाए और पोस्टर लगाने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए।
समाजवादी पार्टी ने पुलिस-प्रशासन से यह भी मांग की है कि वाराणसी के जिन-जिन स्थानों पर अखिलेश यादव की तस्वीरों के साथ आपत्तिजनक पोस्टर-बैनर लगाए गए हैं, वहां की जानकारी जुटाई जाए और मामले की पूरी जांच की जाए।

सपा का कहना है कि राजनीतिक विरोध लोकतांत्रिक और वैचारिक तरीके से होना चाहिए। किसी नेता की सार्वजनिक छवि को नुकसान पहुंचाने के लिए आपत्तिजनक सामग्री का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। पार्टी ने मामले में जल्द कार्रवाई की मांग करते हुए पोस्टर लगाने वाले जिम्मेदार लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग दोहराई है।
फिलहाल समाजवादी पार्टी ने पुलिस-प्रशासन से पूरे मामले की जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। पार्टी का कहना है कि पोस्टर-बैनर लगाने वालों की पहचान कर मामले में निष्पक्ष जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जानी चाहिए।
