तेज आवाज सुनकर मौके पर जुटे स्थानीय लोग, भेलूपुर पुलिस ने पहुंचकर किया निरीक्षण
वाराणसी। भेलूपुर थाना क्षेत्र के शिवाला इलाके में गुरुवार को एक जर्जर मकान अचानक भरभराकर गिर गया। मकान के गिरते ही तेज आवाज हुई, जिससे आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई। घटना के बाद बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर पहुंच गए। गनीमत रही कि जिस समय मकान का हिस्सा गिरा, उस दौरान उसके आसपास कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था। इससे बड़ा हादसा होने से टल गया और घटना में किसी तरह की जनहानि नहीं हुई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मकान काफी पुराना और जर्जर हालत में था। गुरुवार को अचानक मकान का हिस्सा भरभराकर नीचे आ गिरा। मकान गिरने की तेज आवाज सुनकर आसपास के लोग अपने घरों और दुकानों से बाहर निकल आए। कुछ ही देर में घटनास्थल पर स्थानीय लोगों की भीड़ जुट गई। लोगों ने तत्काल इसकी सूचना पुलिस को दी।
सूचना मिलने के बाद भेलूपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिसकर्मियों ने घटनास्थल का जायजा लिया और आसपास मौजूद लोगों से घटना के संबंध में जानकारी ली। पुलिस की मौजूदगी में स्थिति का निरीक्षण किया गया। मकान का मलबा सड़क और आसपास के हिस्से में फैल गया था, जिसके कारण कुछ समय के लिए रास्ते से आने-जाने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
स्थानीय लोगों का कहना है कि मकान काफी समय से जर्जर स्थिति में था। इसकी हालत को देखते हुए पहले से ही लोगों के बीच इसके गिरने की आशंका बनी हुई थी। लगातार बारिश के बीच पुराने और जर्जर मकानों की स्थिति को लेकर क्षेत्र के लोगों की चिंता और बढ़ गई है। लोगों का कहना है कि बारिश के दौरान पुराने मकानों की दीवारें और छतें कमजोर होने का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में समय रहते उनकी जांच और आवश्यक कार्रवाई किया जाना जरूरी है।

इलाके के लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि शिवाला और आसपास के क्षेत्रों में मौजूद जर्जर मकानों का सर्वे कराया जाए। जिन मकानों की स्थिति बेहद खराब है, उन्हें चिह्नित कर उनके मालिकों को आवश्यक निर्देश दिए जाएं, ताकि किसी मकान के अचानक गिरने से लोगों की जान खतरे में न पड़े।
स्थानीय लोगों का कहना है कि वाराणसी के पुराने इलाकों में कई ऐसे मकान हैं, जो लंबे समय से जर्जर हालत में खड़े हैं। संकरी गलियों और आसपास की आबादी के कारण इन मकानों के गिरने की स्थिति में राहत और बचाव कार्य में भी परेशानी हो सकती है। ऐसे में प्रशासन की ओर से समय-समय पर जर्जर भवनों का निरीक्षण कर उनकी स्थिति का आकलन करना जरूरी है।
गुरुवार को शिवाला में हुए इस हादसे में राहत की सबसे बड़ी बात यह रही कि मकान गिरने के समय आसपास कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था। यदि उस समय वहां राहगीर या स्थानीय लोग मौजूद होते तो बड़ा हादसा हो सकता था। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जर्जर मकानों को लेकर गंभीरता से कार्रवाई करने की मांग की है।
फिलहाल भेलूपुर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया है। घटना में किसी के घायल होने या जनहानि की सूचना नहीं है। मकान गिरने के बाद आसपास के लोगों में सुरक्षा को लेकर चिंता जरूर बढ़ गई है।
