पारिवारिक कलह और मानसिक तनाव से परेशान होकर निखिल सिंह ने गंगा में लगाई छलांग, 36वीं वाहिनी pac रामनगर के तीन कर्मियों ने जान की परवाह किए बिना बचाया

वाराणसी। राजघाट पर मंगलवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब पारिवारिक कलह और मानसिक तनाव से परेशान एक युवक ने अचानक गंगा नदी में छलांग लगा दी। गंगा में गिरने के बाद युवक देखते ही देखते गहरे पानी की ओर जाने लगा। घाट पर ड्यूटी कर रहे बाढ़ राहत दल के जवानों की नजर जैसे ही युवक पर पड़ी, उन्होंने बिना समय गंवाए गंगा में छलांग लगा दी। कड़ी मशक्कत के बाद युवक को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। पुलिस और पीएसी जवानों की इस त्वरित कार्रवाई से एक युवक की जान बच गई।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, निखिल सिंह किसी पारिवारिक विवाद और मानसिक तनाव के कारण परेशान चल रहा था। इसी बीच वह राजघाट पहुंचा और अचानक गंगा नदी में छलांग लगा दी। पानी में गिरने के बाद वह धीरे-धीरे गहरे पानी की ओर जाने लगा। युवक को गंगा में डूबते देख मौके पर मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया।

गंगा में कूदे जवान, सुरक्षित बाहर निकाला

घाट पर सुरक्षा व्यवस्था के लिए ड्यूटी पर तैनात 36वीं वाहिनी pac रामनगर, वाराणसी के तीन प्रहरियों की नजर जैसे ही गंगा में डूबते युवक पर पड़ी, तीनों जवान तत्काल हरकत में आ गए। उन्होंने युवक की जान बचाने के लिए बिना किसी देरी के गंगा में छलांग लगा दी।

बाढ़ राहत दल में ड्यूटीरत मुख्य आरक्षी (HC) अनिल सिंह, आरक्षी (C) कमलेश यादव और आरक्षी (C) आशीष राम ने अपनी सुरक्षा की परवाह किए बिना गंगा में प्रवेश किया। तीनों जवानों ने पानी के बीच पहुंचकर युवक को संभाला और काफी मशक्कत के बाद उसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

जवानों की तत्परता के कारण युवक को समय रहते गंगा से बाहर निकाला जा सका। यदि बचाव कार्य में कुछ क्षण की भी देरी होती तो युवक गहरे पानी में चला जाता और उसकी जान बचाना मुश्किल हो सकता था।

पत्नी को दी सूचना, साथ जाने को तैयार नहीं था युवक

युवक को गंगा से बाहर निकालने के बाद पुलिसकर्मियों ने उसकी स्थिति को संभाला। इसके बाद तत्काल उसके परिजनों से संपर्क किया गया। पुलिस ने निखिल की पत्नी को फोन कर घटना की जानकारी दी और उसे मौके पर बुलाया।

हालांकि, मानसिक तनाव की स्थिति में होने के कारण युवक अपनी पत्नी के साथ जाने को तैयार नहीं था। वह लगातार जिद पर अड़ा हुआ था। पुलिसकर्मियों ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए युवक से बातचीत शुरू की और उसे शांत कराने का प्रयास किया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने तत्काल थाना आदमपुर के प्रभारी निरीक्षक को सूचना दी। सूचना मिलते ही एसएचओ आदमपुर मौके पर पहुंचे और युवक से बातचीत कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली।

पुलिस अधिकारियों ने युवक को समझाया-बुझाया और उसे भरोसा दिलाया कि उसकी समस्या को गंभीरता से सुना जाएगा। पुलिस ने उसे शांत रहने और किसी भी तरह का आत्मघाती कदम दोबारा न उठाने के लिए समझाया।

काउंसलिंग के बाद थाने ले गई पुलिस

काफी देर तक बातचीत और समझाने-बुझाने के बाद पुलिस युवक को सुरक्षित अपने साथ थाने ले गई। युवक की स्थिति को देखते हुए आवश्यक विधिक कार्रवाई के साथ ही पारिवारिक एवं मनोवैज्ञानिक परामर्श की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।

पुलिस की ओर से युवक और उसके परिवार की स्थिति को गंभीरता से लिया गया है। अधिकारियों का प्रयास है कि युवक को मानसिक तनाव से बाहर निकालने और पारिवारिक विवाद का समाधान बातचीत के माध्यम से कराने की दिशा में आवश्यक कदम उठाए जाएं।

तीनों प्रहरियों की बहादुरी की हो रही सराहना

गंगा में डूब रहे युवक को बचाने वाले 36वीं वाहिनी pac रामनगर, वाराणसी के मुख्य आरक्षी अनिल सिंह, आरक्षी कमलेश यादव और आरक्षी आशीष राम की बहादुरी और त्वरित कार्रवाई की स्थानीय लोगों ने सराहना की।

मौके पर मौजूद लोगों का कहना था कि जवानों ने जिस तेजी से स्थिति को संभाला, वह काबिल-ए-तारीफ है। युवक गंगा में गिरने के बाद लगातार गहरे पानी की ओर जा रहा था। ऐसे में समय पर जवानों का गंगा में उतरना बेहद महत्वपूर्ण साबित हुआ।

स्थानीय लोगों के मुताबिक, यदि जवान कुछ क्षण की भी देरी करते तो युवक गहरे पानी में चला जाता और उसे बचाना मुश्किल हो सकता था। लेकिन तीनों प्रहरियों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए युवक को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

एक युवक की जिंदगी के साथ परिवार को भी बचाया

बाढ़ राहत दल के जवानों की इस त्वरित कार्रवाई ने केवल एक युवक की जिंदगी ही नहीं बचाई, बल्कि उसके परिवार को भी संभावित बड़ी त्रासदी से बचा लिया। पारिवारिक विवाद और मानसिक तनाव के चलते युवक द्वारा उठाया गया कदम बेहद गंभीर था। हालांकि समय रहते घाट पर तैनात जवानों की नजर उस पर पड़ गई और उन्होंने बिना देर किए बचाव अभियान शुरू कर दिया।

घटना ने एक बार फिर यह दिखाया कि घाटों पर तैनात पुलिस और पीएसी के जवान आपात स्थिति में कितनी तेजी और जिम्मेदारी के साथ कार्रवाई करते हैं। गंगा में होने वाली दुर्घटनाओं और अन्य आपात परिस्थितियों में बाढ़ राहत दल के जवानों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है।

राजघाट पर हुई इस घटना में भी 36वीं वाहिनी pac रामनगर के तीन प्रहरियों ने अपनी ड्यूटी के साथ मानवता और साहस का परिचय दिया। अपनी जान की परवाह किए बिना गंगा में उतरकर युवक को सुरक्षित बाहर निकालना उनकी तत्परता और कर्तव्यनिष्ठा को दर्शाता है।

पुलिस ने लोगों से की आत्मघाती कदम न उठाने की अपील

घटना के बाद पुलिस की ओर से लोगों से अपील की गई कि पारिवारिक विवाद, मानसिक तनाव या किसी अन्य परेशानी की स्थिति में आत्मघाती कदम न उठाएं। जीवन में आने वाली परेशानियों का समाधान बातचीत और परामर्श के जरिए किया जा सकता है।

पुलिस ने लोगों से कहा कि यदि कोई व्यक्ति मानसिक तनाव या गंभीर पारिवारिक समस्या से गुजर रहा है तो उसके व्यवहार में होने वाले बदलावों को नजरअंदाज न करें। ऐसे व्यक्ति से बातचीत करें, उसकी परेशानी को समझने का प्रयास करें और जरूरत पड़ने पर परिजनों, मित्रों, पुलिस अथवा विशेषज्ञों की मदद लें।

पुलिस ने यह भी अपील की कि किसी भी कठिन परिस्थिति में व्यक्ति को अकेला न छोड़ा जाए और समस्या का समाधान बातचीत, सहयोग और परामर्श के माध्यम से करने का प्रयास किया जाए।

राजघाट पर मंगलवार को हुई इस घटना में घाट पर ड्यूटीरत 36वीं वाहिनी pac रामनगर, वाराणसी के तीन प्रहरियों—HC अनिल सिंह, C कमलेश यादव और C आशीष राम की तत्परता ने एक युवक को नया जीवन दिया। समय रहते की गई कार्रवाई के चलते युवक को गंगा से सुरक्षित बाहर निकाला जा सका और एक परिवार संभावित बड़ी त्रासदी से बच गया।

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