वाराणसी। काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) का मधुबन पार्क, जो कभी छात्र राजनीति, बौद्धिक चर्चाओं और सांस्कृतिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र माना जाता था, इन दिनों बदहाल स्थिति में नजर आ रहा है। पार्क के कई हिस्सों में शराब की खाली बोतलें, बीयर कैन, सिगरेट के पैकेट और अन्य कचरा मिलने से छात्र चिंतित हैं।

छात्रों के मुताबिक पार्क के चिल्ड्रेन पार्क क्षेत्र और पीछे के हिस्से में लंबे समय से गंदगी जमा है। घास और झाड़ियों के बीच शराब की बोतलें, बीयर कैन, प्लास्टिक कचरा, गुटखा रैपर और सिगरेट के खाली पैकेट पड़े हुए दिखाई देते हैं। इससे पार्क का वातावरण प्रभावित हो रहा है।

छात्रों का आरोप है कि पार्क में नियमित निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था की कमी है। उनका कहना है कि पर्याप्त गश्त न होने से बाहरी लोगों की आवाजाही बढ़ गई है, जिससे यहां अवांछित गतिविधियां होने की आशंका बनी रहती है। वहीं, कई स्थानों पर सीसीटीवी कैमरों की कमी को भी छात्र बड़ी वजह मान रहे हैं।

सफाई व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। छात्रों का कहना है कि मुख्य मार्गों की सफाई तो हो जाती है, लेकिन पार्क के अंदरूनी हिस्सों में कचरा लंबे समय तक पड़ा रहता है। इससे गंदगी लगातार बढ़ रही है।

कुछ छात्रों ने स्वयं पार्क में पड़े कचरे को एकत्र कर विश्वविद्यालय के संबंधित विभाग तक पहुंचाया। उनका कहना है कि मधुबन पार्क बीएचयू की पहचान से जुड़ा स्थान है और इसकी उपेक्षा उचित नहीं है।

शोध छात्र पल्लव सुमन ने कहा कि मधुबन जैसे महत्वपूर्ण स्थल पर इस तरह की स्थिति चिंता का विषय है। उन्होंने पार्क की नियमित निगरानी, बेहतर सफाई व्यवस्था और सुरक्षा बढ़ाने की मांग की।छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन से पार्क में पर्याप्त सीसीटीवी कैमरे लगाने, नियमित गश्त सुनिश्चित करने और सफाई व्यवस्था को मजबूत करने की मांग की है। उनका कहना है कि समय रहते आवश्यक कदम नहीं उठाए गए तो मधुबन पार्क की ऐतिहासिक और शैक्षणिक पहचान प्रभावित हो सकती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *