रिपोर्ट – ओमकार नाथ 

वाराणसी। काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के बिरला-ए छात्रावास में रात के समय हुई पत्थरबाजी की घटना के मामले में प्राक्टोरियल बोर्ड की ओर से लंका थाने में पांच नामजद छात्रों सहित अन्य अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। यह कार्रवाई घायल सुरक्षाकर्मी परमहंस यादव की लिखित शिकायत के आधार पर की गई है।

जानकारी के अनुसार, बीती रात छात्रावास परिसर में अचानक माहौल तनावपूर्ण हो गया और कुछ छात्रों द्वारा पत्थरबाजी की गई, जिसमें ड्यूटी पर तैनात सुरक्षाकर्मी परमहंस यादव घायल हो गए। घायल सुरक्षाकर्मी को तत्काल उपचार के लिए ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। चिकित्सकों के अनुसार उनकी स्थिति फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।

इस घटना को गंभीरता से लेते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन और पुलिस ने संयुक्त रूप से कार्रवाई शुरू कर दी है। प्राक्टोरियल बोर्ड की ओर से घटना की रिपोर्ट तैयार कर लंका थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है, ताकि दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

लंका थानाध्यक्ष राजकुमार ने बताया कि सुरक्षा गार्ड की शिकायत पर ओम शुक्ला, समर्थ शर्मा, प्रियांश, प्रनव और हिमांशु सहित अन्य अज्ञात छात्रों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं 126(2), 132, 121(1), 191(2), 193(3) और 115(2) के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।

पुलिस ने घटना स्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है, ताकि पत्थरबाजी में शामिल अन्य युवकों की पहचान की जा सके। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की विशेष टीमों का गठन किया गया है और संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।

पुलिस प्रशासन ने विश्वविद्यालय के अन्य छात्रों से अपील की है कि वे शांति और अनुशासन बनाए रखें तथा पढ़ाई-लिखाई के माहौल को प्रभावित करने वाली किसी भी गतिविधि से दूर रहें। साथ ही चेतावनी दी गई है कि कानून-व्यवस्था भंग करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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